Saturday, 5 November 2011

बार-बार बढ़ेंगे डीजल-गैस के दाम? सरकार में छिड़ी 'महाभारत' रोकने के लिए हलचल


बढ़ती महंगाई और पेट्रोल की कीमतों पर सरकार के अंदर छिड़ी महाभारत को रोकने के लिए हलचल तेज हो गई है। कुछ देर बाद वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी इस मामले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने वाले हैं। इसके बाद दोनों कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगे। शाम को कांग्रेस कोर ग्रुप की कमेटी में भी इस मसले पर चर्चा होगी और इसके बाद उम्‍मीद है कि प्रधानमंत्री सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी से भी बात करेंगे।
ममता बनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में गुरुवार रात 12 बजे से की गई वृद्धि वापस नहीं लेने की स्थिति में सरकार से समर्थन वापसी तक के संकेत दिए हैं। इस पर मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात में इस मसले का हल निकाल लिया जाएगा।
पेट्रोल की कीमतों में इजाफे से परेशान आम आदमी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राहत देने की बजाय और अधिक जख्म दे दिया है। शुक्रवार को फ्रांस में मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों में कमी नहीं होगी। हमें समझना होगा कि पैसा पेड़ पर नहीं उगता। हम अपने संसाधनों से परे नहीं जा सकते। हमें कीमतों पर नियंत्रण हटाने की तरफ आगे बढऩा है। मुझे कहते हुए कोई झिझक नहीं है कि इस मामले (कीमतों के संदर्भ में) पर बाजार खुद फैसला करेगा।
जी 20 देशों के सम्‍मेलन से भाग लेकर मनमोहन कान से शनिवार को दिल्‍ली लौटे तो उन्‍हें महंगाई पर न केवल विपक्ष के विरोध का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि सरकार के अंदर छिड़ी महाभारत से भी उनका वास्‍ता पड़ रहा है। ममता ने 8 या 9 नवंबर को पीएम से मिलने का समय मांगा है।
शुक्रवार को ममता ने कहा-‘मैं शुक्रगुजार हूं, अपनी पार्टी के संसदीय दल की। उसने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और केंद्र से समर्थन वापसी का फैसला किया। लेकिन प्रधानमंत्री अभी देश में नहीं हैं। हम समर्थन वापस लेंगे तो सरकार गिर जाएगी। इससे दुनिया के सामने देश की छवि खराब होगी। लिहाजा वापस आने पर मुलाकात के बाद फैसला किया जाएगा।’ पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर यूपीए गठबंधन के अन्य सहयोगी एनसीपी, नेशनल कांफ्रेंस और डीएमके ने भी सरकार पर दबाव बनाया है। एनसीपी के महासचिव तारिक अनवर ने कहा, हम इस पर बहुत चिंतित हैं। सरकार को लगातार मूल्य वृद्धि रोकने के लिए कोई व्यवस्था बनानी चाहिए। नेशनल कांफ्रेंस के शीर्ष नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा, मंत्रिमंडल की अगली बैठक में इस पर बहस होगी।
प्रणब ने खड़े किए हाथ
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि निश्चित रूप से पेट्रोल की कीमतें बढऩे का महंगाई पर कुछ बुरा असर पड़ेगा। लेकिन तेल (अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल) की कीमतें बढ़ रही हैं और पेट्रोल की कीमतों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। हमने तो कम बढ़ाया
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन आरएस बुटोला के अनुसार हमें २.४९ रुपए प्रति लीटर कीमत बढ़ानी चाहिए थी लेकिन हमने सिर्फ १.५२ रुपए ही बढ़ाए। दिल्ली में वैट और टैक्स वगैरह लगाकर यह १.८० रुपए प्रति लीटर हो गई।
फोटो कैप्‍शन: हैदराबाद में पेट्रोल मूल्यवृद्धि के विरोध में पेट्रोलियम मंत्री एस. जयपाल रेड्डी का पुतला जलाते प्रदर्शनकारी।
17 महीने में 11 बार बढ़ी कीमत, 10 महीने में 10 रु. महंगा हुआ पेट्रोल

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