
अल्पसंख्यकों को नौ फीसदी आरक्षण का वादा कर विवादों को जन्म देने वाले कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने शुक्रवार को कहा कि उनको कोई पछतावा नहीं है क्योंकि उन्होंने कुछ भी गैर कानूनी नहीं किया है।
भोपाल गैस त्रासदी पर मंत्री समूह की बैठक से बाहर आते हुए उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि नहीं। मुझे क्यों पछतावा करना चाहिए? आप जब कोई गलती करते हैं तब पछतावा होता है। खुर्शीद ने उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद विधानसभा क्षेत्र में मुसलमानों को ओबीसी के 27 फीसदी कोटा में से नौ फीसदी कोटा देने का वादा किया। यहां से उनकी पत्नी लुईस भी उम्मीदवार हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें मंगलवार को नोटिस थमाया और कहा कि 27 फीसदी ओबीसी कोटा में से पिछड़े मुसलमानों को कोटा देने का उनका वादा प्रथम दृष्ट्या में चुनाव आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन है।
उन्होंने गुरुवार को नोटिस का जवाब दिया और अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 2009 के चुनावी घोषणा पत्र में अल्पसंख्यकों के लिए कोटे के तहत कोटा का वादा किया था। मंत्री ने कहा कि हमें जवाब दाखिल करना है। हां, मैंने जवाब दाखिल कर दिया है। यह पूछने पर कि क्या उन्हें महसूस हो रहा है कि बयान देकर उन्होंने गलती की तो उन्होंने उल्टा सवाल पूछा कि अगर मैं आपसे कहूं कि मैंने गलती की तो मेरा जवाब क्या होगा? जब उनसे पूछा गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनके पहले के बयान की शिकायत की है तो खुर्शीद ने कहा कि कोई शिकायत नहीं की गई है। गौरतलब है कि पहले खुर्शीद ने कहा था कि निर्वाचन आयोग पर कानून मंत्रालय का नियंत्रण है।
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